ई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने 76 मिनट के अपने संबोधन में नक्सलवाद, महिला आरक्षण, विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, ग्लोबलाइजेशन, युवाओं और आपदाओं से निपटने जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने 76 मिनट के अपने संबोधन में नक्सलवाद, महिला आरक्षण, विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, ग्लोबलाइजेशन, युवाओं और आपदाओं से निपटने जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाल किले पर तिरंगा फहराने के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इस अवसर पर लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम भी गाया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ा है, लेकिन दिमागी नक्सल अभी भी मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने और युवाओं को भटकाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।

पीएम ने कहा कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं। इसलिए दिमागी नक्सलियों को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जोड़ने पर भी जोर दिया।

पीएम ने कहा कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं। इसलिए दिमागी नक्सलियों को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जोड़ने पर भी जोर दिया। पीएम ने कहा कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं। इसलिए दिमागी नक्सलियों को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जोड़ने पर भी जोर दिया।पीएम ने कहा कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं। इसलिए दिमागी नक्सलियों को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य से जोड़ने पर भी जोर दिया।

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